Post-Mauryan Literature

मौर्योत्तर कालीन साहित्य गाथा सप्तशती -हाल महाभाष्य -पतंजलि चरक संहिता -चरक नाट्यशास्त्र -भरत कामसूत्र -वात्स्यायन सौन्दरानन्द ,बुद्धचरित -अश्वघोष स्वप्नवासवदत्तम -भास

Mahajanapad

महाजनपद (छठी सदी ई पू )महत्वपूर्ण तथ्य :-1.बुद्धा के जन्म के पूर्व सोलह महाजनपदों का जन्म हो चूका था| बौद्ध ग्रन्थ “अंगुत्तर निकाय ” और जैन ग्रंथ “भगवती सूत्र ” में सोलह महाजनपदों की सूची मिलती है। वज्जि और मल्ल गणतंत्र थे ,शेष सभी महाजनपद राजतंत्रात्मक राज्य थे मगध सर्वाधिक शक्तिशाली महाजनपद था। दक्षिण भारत … Read more

Maurya Dynasty(322-184 BCE)

मौर्य  साम्राज्य की स्थापना – चन्द्रगुप्त मौर्य ने ३२२ ईसा पूर्व में की । ३१६ ईसा पूर्व तक मौर्य वंश ने पूरे उत्तरी पश्चिमी      भारत पर अधिकार कर लिया था। चाणक्य ( कौटिल्य / विष्णुगुप्त)  की सहायता से चन्द्रगुप्त  मौर्या ने  322 BC  में घनानन्द को हराकर  नन्द वंश के साम्राज्य  का तख़्ता पलट दिया | मौर्य राजवंश का … Read more

Vakataka Dynasty

वाकाटक वंश इस वंश की स्थापना 255 ई. में विन्ध्य शक्ति ने की थी। प्रसिद्ध शासक-राजा प्रवरसेन प्रथम , अपने शासनकाल में उसने सम्राट की उपाधि की तथा चार अश्वमेघ यज्ञों का आयोजन किया। वाकाटक ब्राह्मण थे और इन्होंने ब्राह्मणों को खूब भूमि-अनुदान दिये। सांस्कृतिक दृष्टि से वाकाटक राज्य ने ब्राह्मण घर्म के आदर्शों और … Read more

kadamb Dynasty

कदम्ब वंश(300 ई० से 750 ई०) राज्य का संस्थापक- मयूर शर्मन था. राजधानी- बनवासी ( कर्नाटक के उत्तरी कनारा जिले में स्थित). शासक:-1. मयूर शर्मन   2. काकुरुध वर्मन 3 रविवर्मा (अथवा रविवर्मन). दक्षिण भारत में 300 ई० से 750 ई० तक एक अन्य वंश जिसका उल्लेख मिलता है वह था कदम्ब वंश. कदम्ब वंश के राजाओं ने चौथी शताब्दी … Read more

Satvahan Dynasty

(आन्ध्र सातवाहन वंश)  “आन्ध्र  सातवाहन  वंश’  (60 ई.पू. से 240 ई.) 30 ई.पू. में सुशर्मन के अधिकारी सिमुक (सिंधुक) ने कण्व वंश को समाप्त कर सातवाहन वंश की स्थापना की।सातवाहन वंश महाराष्ट्र, आंध्र तथा कर्नाटक का उत्तरी भाग में विस्तारित था।राजधानी पैठान या प्रतिष्ठान | सातवाहन वंश की जानकारी के प्रमाणिक स्रोत अभिलेख, सिक्के तथा स्मारक हैं, जो निम्नलिखित … Read more